मयंक अधिकारी पर आरोप था कि उसने इक्कीस बार छुरा भोंककर एक युवक की हत्या कर दी थी। उसे घटनास्थल से रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था और पुलिस के पास उस वारदात के पांच गवाह भी थे जिन्होंने उसे कत्ल करते अपनी आंखों से देखा था। बावजूद इसके वह चींख चींखकर कह रहा था कि उसने कुछ नहीं किया, पुलिस उसे फंसाने की कोषिष कर रही थी। जबकि पुलिस की निगाहों में वह ओपन एंड शट केस था, एक ऐसा केस जिसमें कातिल को सजा दिलाने के लिए उन्हें अपनी उंगली तक हिलाने की जरूरत नहीं पड़ने वाली थी। मगर उनका सोचा पूरा नहीं हो पाया क्योंकि अचानक कुछ ऐसा घटित हो गया जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की। जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप सा मचाकर रख दिया।

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