ऑडिटोरियम ‘मेला’ में उस वक्त एक फिल्म अवार्ड समारोह चल रहा था, जब अठाईस सौ ऑडियंस, वाई प्लस सिक्योरिटी, साल के डेढ़ करोड़ तनख्वाह लेने वाले बॉडीगार्ड और कई दर्जन पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में एक बड़े बिज़्नेस्मैन साहिल खान की गोली मर के हत्या कर दी गयी। मतलब कातिल ने वहां की तमाम सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर वो कर दिखाया था जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। पुलिस जानती थी की हत्यारा उस वक्त ऑडिटोरियम के भीतर ही कही मौजूद था, मगर भीड़ से उसे छांटकर अलग कर पाना तोह दूर की बात थी, वे लोग मर्डर वेपन तक तलाशने में असफल रह गए।


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