बाड़मेर जिले के आखिरी छोर पर स्थित ग्राम ‘भुतौली‘ में रहने वाली महिलायें आधी रात के बाद घर से निकलतीं और जाकर गांव के बाहर स्थित कुएं में छलांग लगा देतीं।
पुलिस जांच में पता लगा कि उन सबके सपने में आकर मां भवानी ने कहा था कि उनके मंदिर के बाहर वाले कुएं में कूदकर खुद को उन्हें समर्पित कर दें तो उनकी समस्त मनोकामनाएं पूरी हो जायेंगी।
ये एक ऐसी पहेली थी जो लाख सिर पटकने के बाद भी पुलिस के पल्ले नहीं पड़ रही थी। हर कोई ये सोचकर हैरान था कि दसियों औरतों को एक जैसा सपना कैसे आ सकता था। फिर ये जानकर तो उनकी हैरानी का ठिकाना ही नहीं रहा कि उनमें से कई औरतों की मनोकामनायें सच में पूरी हो गयी थीं।
अजीब पहेली थी जिसका ओर अंत कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था। इसलिए मामला लगातार उलझता चला गया। कोतवाल स्वदेश राठौर की रातों की नींद उड़ चुकी थी। केस को सुलझाने में वह जी जान से जुटा हुआ था, मगर सपने के रहस्य से अभी भी कोसों दूर ही था….
मकसद
एक अबूझ पहेली

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