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पनौती आज खूब सज-धजकर संजना के घर पार्टी अटैंड करने के लिए निकला था। हैरानी की बात ये थी कि वक्त से दो घंटे पहले ही उसने अपना घर छोड़ दिया, जबकि संजना के मामले में वह हमेशा लेट-लतीफी के लिए ही जाना जाता था।

इस बात का उसे जरा भी एहसास नहीं था कि वक्त से बहुत पहले वह खुद नहीं निकला था, बल्कि नियति ने उसे ठीक उसी वक्त घर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया था, जब मुसीबतें उसके गले पड़ने वाली थीं।

थोड़ी देर बाद वह संजना को भूल गया और एक कार में सवार चार लोगों की जान बचाने की कोशिशों में जुट गया। उस कोशिश में वह एक ऐसी जगह पहुंच गया, जहां उसे नहीं होना चाहिए था।

फिर शुरू हुआ हत्याओं का एक ऐसा सिलसिला, जिसका सिर-पैर न तो पनौती की समझ में आ रहा था और न ही सतपाल के। क्योंकि कत्ल किये जा चुके लोगों का आपस में दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं था। कोई एक ऐसी बात खोजे से भी नहीं मिल रही थी, जो उन सबको आपस में जोड़ती हो।

और उनके सामने सबसे बड़ा सवाल था…..

‘अगला नंबर किसका है?’

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3 reviews for The Target List : Mysterious Killings

  1. Rajeev Kumar (verified owner)

    Excellent.bahut din ke baad pathak sahab ka novel Etna pasand aaya.next part ka intezar rahegaa

  2. Jay

    Suspense still ..waiting for next part

  3. Rajiv Sinha

    Cliffhanger… Waiting for next.. Eagerly

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