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By: Santosh Pathak

मनाली की धरती तप रही थी, पहाड़ शोले उगल रहे थे, मौत अपना जाल बिछाये तैयार खड़ी थी, और आगे बढ़ने के तमाम रास्ते बंद नजर आ रहे थे। विराट राणा, आशीष गौतम और विशाल सक्सेना का दिमाग जैसे कुंद होकर रह गया था। अपराधी अभी भी पर्दे के पीछे था, क्योंकि ये सिर्फ दिमाग की लड़ाई नहीं थी, उसके साथ-साथ ताकत का भी खेल था, जिसकी दुश्मन के पास कोई कमी नहीं थी।
न्यूज हाउंड, बेफिक्रा और स्मार्ट कॉप का जायंट एडवेंचर, ऑपरेशन मनाली का आखिरी भाग ‘असंभव’

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