चार लड़कियों को फिल्मों में काम देने का झांसा देकर पटना से मुंबई पहुंचा दिया गया। चारों ही बेहद मामूली लड़कियां थीं इसलिए उनके गायब होने पर कोई बड़ा हंगामा होने की जरा भी आशंका नहीं थी। मगर हंगामा बरप कर रहा क्योंकि उनमें से एक का भाई जयशंकर शुक्ला फौजी था, ऐसा फौजी जिसे उसके साथी सनकी समझते थे।
मुकाबला एक और सौ के बीच का था, मगर उन सौ लोगों के लिए शुक्ला विध्वंसक बन गया। ऐसा विध्वंसक जिसने उनकी सल्तनत को पूरी तरह बर्बाद कर दिया, मगर बहन के साथ घटित हुई घटना के सच से वह अभी भी कोसों दूर था।
वह भटक रहा था, तड़प रहा था, मारा मारा फिर रहा था ये जानने के लिए कि उसकी बहन के साथ क्या हुआ था। फिर सामने आया एक ऐसा सच जिसने शुक्ला के साथ-साथ पुलिस के भी होश उड़ाकर रख दिये।
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