प्राईवेट डिटेक्टिव राजकुमार कुदेसिया को कत्ल के इल्जाम में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के पास उसके खिलाफ पर्याप्त और पुख्ता एविडेंस मौजूद थे। जैसे कि मर्डर वैपन से उसकी उंगलियों के निषान बरामद हुए थे। वारदात में इस्तेमाल की गयी बाईक और उसकी खुद की बाईक एक ही मॉडल की थीं। घटनास्थल पर गिरा हत्यारे का खून उसके ब्लड ग्रुप से मैच करता था। तीन महीने पहले उसका मकतूल के साथ झगड़ा हुआ था, और ठीक कत्ल के वक्त वह उसी इलाके में मौजूद था। मतलब पूरे मामले में कोई एक बात ऐसी नहीं थी जो उसके हक में जाती हो। ऐसे में उसका जेल जाना तय था, मगर गया नहीं क्योंकि तभी उसके और पुलिस के बीच में एक ऐसा शख्स आन खड़ा हुआ जो उसका हमपेषा था, वाकिफकार था। जिसे यकीन था कि कत्ल अगर कुदेसिया ने किया होता तो पुलिस उसे सेम डे गिरफ्तार करने में हरगिज भी कामयाब नहीं हो पाई होती।
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