एक डॉक्टर जो रोमांस में डूबा रहता था।
एक विधायक जो खुद को खुदा समझता था।
एक अजीबो गरीब डिटैक्टिव जो थोड़ी सनकी भी थी।
एक सब इंस्पेक्टर जो फूँक फूँक कर कदम रखता था।
ऐसे चार लोग जब एक ही मामले से जुड़ गए तो देखते ही देखते कत्ल का एक मामूली सा केस मकड़ी के जाले की तरह उलझता चला गया।

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