Skip to content
Sale!
By: Santosh Pathak

चौदह अक्टूबर की सुबह दिल्ली से सटे फरीदाबाद के इलाके में एक लाश बरामद हुई। ऐसी लाश जिसकी पहचान छिपाने के लिए मरने वाले के चेहरे को पत्थर से कुचल दिया गया था। पुलिस के लिए वह आये दिन घटित होने वाले अपराधों में से बस एक नया अपराध भर था, जो इंस्पेक्टर सतपाल सिंह के लिए जी का जंजाल इसलिए बन गया क्योंकि विशाल सक्सेना उर्फ पनौती की टांग पहले से उसमें घुसी पड़ी थी। फिर तो ऐसे ऐसे वाकयात सामने आने शुरू हुए कि दोनों पनाह मांग गये। कातिल तक पहुंच पाना तो दूर की बात थी उनके लिए अपनी जान बचाना मुश्किल हो गया। ऐसे में सच की तह तक पहुंच पाना आसान काम नहीं था मगर पनौती को पीछे हटना मंजूर नहीं था।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Befikra”

Your email address will not be published. Required fields are marked *