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समीर मल्होत्रा ‘एलीवेट प्लाजा’ मॉल की पारदर्शी कैप्शूल लिफ्ट में दाखिल हुआ। अंदर बाहर हर तरफ कैमरे लगे हुए थे इसलिए उसकी एक एक मूवमेंट रिकार्ड हो रही थी। फिर अचानक ही वह लिफ्ट की शीशे की दीवारों पर मुक्के मारने लगा, जोर जोर से सिर पटकने लगा, यूं जैसे अचानक ही उसे पागलपन का दौरा पड़ गया हो। उसके बाद अपनी टाई खोली और उसका एक सिरा गले में कसने के बाद दूसरा हिस्सा लिफ्ट में लगे स्टील के हैंडल से बांधकर खुद को एकदम से नीचे गिरा दिया। प्रत्यक्षतः उसकी मौत सुसाईड ही दिखाई दे रही थी, क्योंकि उसने जो किया खुद किया, ऑन कैमरा किया। मगर इंस्पेक्टर देव रावत का दिमाग कह रहा था कि कहीं न कहीं कोई गड़बड़ जरूर थी जिस तक अभी उसकी निगाहें नहीं पहुंच पा रही थीं।
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